हमारे विभाग के बारे में

 वित्त मंत्रालय ख.	व्यय विभाग 
1. वित्तीय नियम एवं विनिमय और वित्तीय शक्तियों का प्रत्यायोजन।
2. भारत सरकार के सभी मंत्रालयों और कार्यालयों से संबंधित वित्तीय संस्वीकृतियां जो नियमों अथवा किसी सामान्य या विशेष आदेशों द्वारा प्रत्यायोजित या प्रदत्त शक्तियों में शामिल नहीं हैं।
3. मितव्ययिता हासिल करने की दृष्टि से सरकारी संस्थापनाओं में स्टाफ व्यवस्था की समीक्षा।
4. लागत लेखा मामलों पर मंत्रालयों और सरकारी उपक्रमों को सलाह देना और उनकी ओर से लागत जांच कार्य करना।
5. भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग।
6. निम्नलिखित के साथ-साथ महालेखानियंत्रक से संबंधित मामले शामिल हैं-
(क) केन्द्र या राज्य सरकारों से संबंधित सरकारी लेखांकन के सामान्य सिद्धांत और लेखाओं का रूप तथा उनसे संबंधित नियम और नियम पुस्तिकाएं तैयार करना और उनमें संशोधन करना
(ख) सामान्यतः केन्द्र सरकार नकदी शेष का और विशेषतः सिविल मंत्रालयों या विभागों से संबंधित आरक्षित जमा राशि का रिजर्व बैंक से मिलान
(ग) केन्द्रीय सिविल लेखा अधिकारियों द्वारा लेखांकन के यथेष्ट मानकों के पालन पर निगरानी
(घ) मासिक लेखाओं का समेकन, राजस्व प्राप्ति की प्रवृतियों की समीक्षा और व्यय के महत्वपूर्ण वैशिष्ट्य आदि तैयार करना और केन्द्र सरकार के प्रयोजनार्थ संबंधित शीर्षों के तहत वार्षिक प्राप्तियां और संवितरण दर्शाते हुए वार्षिक लेखे (सारांश, सिविल विनियोजन लेखाओं सहित), तैयार करना
(ङ) केन्द्रीय खजाना नियम और केन्द्रीय सरकार लेखा (प्राप्तियां और भुगतान) नियम, 1983 का संचालन
(च) सिविल मंत्रालयों या विभागों में प्रबंधन लेखांकन प्रणाली की शुरूआत करने में समन्वय और सहायत;
(छ) केन्द्रीय सिविल लेखा कार्यालयों के समूह ‘क’ (भारतीय सिविल लेखा सेवा) और समूह ‘ख’ अधिकारियों का संवर्ग प्रबंध;
(ज) केन्द्रीय सिविल लेखा के समूह ‘ग’ और ‘घ’ स्टाफ से संबंधित मामले
(झ) केन्द्रीय सिविल पेंशनभोगियों, स्वतंत्रता सेनानियों, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, पूर्व सांसदों और पूर्व-राष्ट्रपतियों के संबंध में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से पेंशन का संवितरण।
7. राज्य की वार्षिक योजना, राज्य के आपदा राहत कोष में केन्द्र के हिस्से, राष्ट्रीय आपदा आकस्मिकता कोष से सहायता, ग्रामीण/शहरी स्थानीय निकायों के लिए उन्नयन अनुदान और अनुदान तथा उत्तरवर्ती वित्त आयोगों द्वारा यथा-संस्तुत अन्य अनुदानों के लिए केन्द्रीय सहायता जारी किया जाना।
8. राज्यों की वित्तीय स्थिति, राज्यों की दैनिक वित्तीय समस्याओं और राज्यों के राजकोषीय सुधार कार्यक्रमों का विश्लेषण।
9. केन्द्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की वार्षिक/पंचवर्षीय योजना तैयार करने में भागीदारी। योजना के वित्तपोषण के लिए केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के आंतरिक और बजटेतर संसाधनों का आकलन। 10. वित्तीय और आर्थिक निहितार्थों वाले केन्द्रीय और राज्य विधानों की संवीक्षा।
11. केन्द्रीय मंत्रालयों/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के योजना निवेश/व्यय प्रस्तावों का मूल्यांकन और अनुमोदन। व्यय वित्त समिति/सार्वजनिक निवेश बोर्ड प्रक्रियाओं से संबंधित मामले और सार्वजनिक निवेश बोर्ड के लिए सचिवालय कार्य।
12. केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पूंजीगत पुनर्गठन/पुनरूद्धार प्रस्तावों का मूल्यांकन/अनुमोदन।